Friday, 28 March 2014

अगले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनेंगे


सूर्य व शुक्र बनवाएंगे मोदी को पीएम




प्रधानमंत्री पद पर पहुंचने के लिए महिला शक्ति होगी मददगार

- राजकुमार सोनी

मई में गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर सत्तासीन होंगे। मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री पद तक पहुंचाने में किसी खास महिला का योगदान होगा। ऐसा योग सूर्य व शुक्र ग्रह से बन रहा है। भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार नरेंद्र मोदी के ज्योतिषीय आकलन दृष्टिकोण से मप्र के प्रमुख भविष्यवक्ताओं व ज्योतिषियों से अबकी बार किसकी सरकार और कौन बनेगा प्रधानमंत्री के बारे में बात की। इन प्रकांड विद्वानों का कहना है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को सर्वाधिक सीटें हासिल होंगी और एनडीए की सरकार के मुखिया इस बार लालकृष्ण आडवाणी की बजाय गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे। लोकसभा में एनडीए को 250 से 275 सीटें मिलेंगी जबकि यूपीए को 80 से 110 सीटें ही मिल पाएंगी।

इंदौर के लालकिताब विशेषज्ञ एवं भविष्यवक्ता पं. आशीष शुक्ला के अनुसार शनि शत्रु राशि में होकर चतुर्थ पर पूर्ण दृष्टि रखने से जनता के बीच प्रसिद्ध बना रहा है। भारत की अधिकांश जनता भावी प्रधानमंत्री के रूप में देख रही है। दशमेश बुध एकादशेश के साथ है। दशमेश सूर्य, केतु से भी युक्त है। सूर्य का महादशा में लग्नेश मंगल का अन्तर चल रहा है जो दशमेश होकर लाभ भाव में व मंगल स्वराशि का होकर लग्न में है। यह समय भाजपा को उत्थान की ओर लेजाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बन जाएंगे। पं. शुक्ल ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी का योग प्रधानमंत्री बनने का नहीं है।
सागर के ज्योतिषाचार्य एवं अंक शास्त्री पं. पीएन भट्ट के अनुसार नरेन्द्र मोदी की जन्म राशि वृश्चिक है। शनि की साढ़े साती का प्रथम चरण चल रहा है। राजभवन में विराजे शुक्र में पराक्रमेश शनि की अन्तर्दशा में गुजरात के मुख्यमंत्री बने। 02.12.2005 को शुक्र की महादशा के बाद राज्येश सूर्य की महादशा जो 03.02.2011 तक चली। तत्पश्चात् 03.02.2011 से भाग्येश चन्द्र की महादशा का शुभारम्भ हुआ। ज्योतिष ग्रंथों में वर्णित है कि एक तो भाग्येश की महादशा जीवन में आती नहीं है और यदि आ जाए तो जातक रंक से राजा तथा राजा से महाराजा बनता है।  मोदी भाग्येश की महादशा में मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री बन सकते हैं, किन्तु चन्द्रमा में राहु की अन्र्तदशा ग्रहण योग बना रही है तथा 20 अप्रैल से 20 जुलाई 2014 के मध्य व्ययेश शुक्र की प्रत्यन्तर दशा कहीं प्रधानमंत्री पद तक पहुंचने के प्रबल योग को ण न कर दें? यद्यपि योगनी की महादशा संकटा में सिद्धा की अन्तर्दशा तथा वर्ष कुण्डली में वर्ष लग्न जन्म लग्न का मारक भवन (द्वितीय) होते हुए भी मुंथा पराक्रम भवन में बैठी है तथा मुंथेश शनि अपनी उच्च राशि का होकर लाभ भवन में विराजमान है। जो अपनी तेजस्वीयता से जातक को 7 रेसकोर्स तक पहुंचा सकता है। किन्तु एक अवरोध फिर भी शेष है और वह है सर्वाष्टक वर्ग के राज्य भवन में लालकृष्ण आडवानी और राहुल गांधी की तुलना में कम शुभ अंक अर्थात् 27.  साथ ही ''मूसल योग'' जातक को दुराग्रही बना रहा है तथा केमद्रुम योग, जो चन्द्रमा के द्वितीय और द्वादश में कोई ग्रह न होने के कारण बन रहा है। उसका फल भी शुभ कर्मों के फल प्राप्ति में बाधा। वर्तमान में भाग्येश चन्द्रमा की महादशा चल रही है, जो दिल्ली के तख्ते ताऊस पर  मोदी की ताजपोशी कर तो सकती है किन्तु केमद्रुम योग तथा ग्रहण योग इसमें संशय व्यक्त करता नजर आ रहा है? 
ग्वालियर के भविष्यवक्ता पं. एचसी जैन ने बताया कि नरेंद्र मोदी की कुंडली में केन्द्र का स्वामी केन्द्र में होकर त्रिकोण के साथ लक्ष्मीनारायण योग बना रहा है। यह योग कर्म क्षेत्र को धनवान बनाने में समर्थ है। यही कारण है कि नरेंद्र मोदी की ख्याति विरोध के बावजूद लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि लोकसभा में एनडीए को 250 से 275 सीटें मिलेंगी जबकि यूपीए को 80 से 110 सीटें ही मिल पाएंगी। जैन ने बताया कि मोदी को प्रधानमंत्री बनवाने में किसी खास महिला का विशेष योगदान रहेगा।


जन्मकुंडली : नरेन्द्र मोदी
जन्म दिनांक : 17 सितम्बर, 1950
जन्म समय : 11 बजे प्रात:
जन्म स्थान: मेहसाना (गुजरात)   

Tuesday, 27 November 2012

अपनी उलझी समस्याओं को सुलझाएं




शक्तियों का साक्षात चमत्कार
धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि कलियुग में शक्तियों का साक्षात चमत्कार देखने को मिलता है। किसी भी जातक ने थोड़ी सी भी पूजा-अर्चना कर ली उसे तुरंत लाभ मिलता है। अगर आप भी किसी भी समस्या से घिरे हैं और तत्काल निदान चाहते हैं तो शक्तियों का अद्भुत चमत्कार अनुभव कर सकते हैं। अगर आपको बाकई ढोंगी तांत्रिकों, बाबाओं, जादू-टोना वालों से बेहद तंग और परेशान हो चुके हैं तो सच्ची शक्तियों की कृपा प्राप्त कर अपनी उलझी हुई समस्याओं का निदान प्राप्त कर जीवन को खुशहाल बना सकते हैं। एक बार आपने शक्तियों की विशेष कृपा प्राप्त कर ली तो आपका जीवन धन्य हो जाएगा। हर जातक के जीवन में अनेकानेक समस्याएं आती रहती हैं उन से वह कुछ समय के लिए छुटकारा तो पा लेता है लेकिन कई समस्याएं ऐसी हैं जो जिंदगी भर जातक इनसे छुटकारा नहीं पा सकता। रोजाना का पारिवारिक कलह, पति-पत्नी में मन-मुटाव, आसपास के पड़ोसियों की द्वेष भावना, ऊपरी हवा का चक्कर, जमीन-जायदाद, कोर्ट-कचहरी, प्रेम में विफलता, तलाक की नौबत, धन की बेहद तंगी, बेरोजगार, सास-बहू में अनबन, किसी भी काम में मन नहीं लगना, बीमारियों का पीछा नहीं छूटना, शत्रुता जैसी समस्याएं हर जातक को घेरे रहती हैं। अगर आप इन सभी का सटीक निदान चाहते हैं तो एक बार जरूर संपर्क करें।

- पंडित राज
चैतन्य भविष्य जिज्ञासा शोध संस्थान
एमआईजी-3/23, सुख सागर, फेस-2
नरेला शंकरी, भोपाल -462023 (मप्र), भारत
मोबाइल : +91-8827294576
ईमेल : panditraj259@gmail.com

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Monday, 7 May 2012

सपने में दिखे पानी तो जल्द खत्म होगी चिंता


सोने के बाद सपने आना आम बात है लेकिन इस बात को खास बनता है उस सपने का अर्थ। हम आपको पहले ही अवगत करा चुके हैं की सपने इंडिकेटर हैं हमारे भविष्य के। आज हम आपको बताएंगे यदि आपके सपने में पानी आए तो इसका क्या अर्थ होता है।

ज्योतिष के अनुसार,जहां एक ओर पानी को शुभ माना गया है तो वहीं दूसरी तरफ कभी यही पानी आपके लिए चिंता का विषय भी बन सकता है। शास्त्रों के अनुसार,यदि आपके सपने में पानी आये तो आपको समझ लेना चाहिए की कुछ ऐसी चीज है जो आपको कचोट रही है। या यूं कहे की आपको अन्दर से परेशान कर रही है। ऐसा तब होता है जब आपके संवेग (इमोशंस )पहले की अपेक्षा कुछ ज्यादा ही प्रभावी बन जाते हैं। यानी की ये कहा जा सकता है सपने में पानी एक बहुत ही शक्तिशाली प्रतीक है जिसे नकारना नहीं चाहिए।

ऐसे सपने आपको कुछ बताने की कोशिश कर रहे हैं। सपने में देखा गया पानी आपको शारीरिक और मानसिक रूप से लाभ भी पहुंचा सकता है।
यदि अपने सपने में व्यक्ति ये देखे की वो बिखरे पानी से घिरा है तो ऐसा सपना सन्देश देता है की व्यक्ति बहुत परेशान था और अब समय आ गया है की उसकी परेशानियों का अंत होने वाला है । ऐसे सपने व्यक्ति को इशारा करतें हैं की वो उठे और एक नयी शुरुआत करे।

यदि सपने के दौरान व्यक्ति को ये लगे की उसके चारों तरफ गर्म या उबलता हुआ पानी है तो ऐसा सपना बताता है की व्यक्ति अन्दर से दुखी है और उसके अन्दर का दुःख अपने चरम पर आ गया है या यूं कहे की दुःख उबल रहा है । ऐसे समय में व्यक्ति को एक ऐसे साथी की तलाश करनी चाहिए जो उसके दुःख को बांट सके और व्यक्ति का मन हल्का कर सके ।

यदि व्यक्ति लगातार ये देखे की उसके सपने में गंदा मठमैला पानी आ रहा है तो ऐसे सपने का सीधा अर्थ है की व्यक्ति अपने चारों और घिरी नकारात्मक शक्तियों में पूरी तरह घिर चूका है । ज्योतिष के अनुसार गंदा और मठमैला पानी नकारात्मकता का प्रतीक है । ऐसे सपने व्यक्ति को संकेत देते हैं की वो अपने पास से नकारात्मक तत्वों को निकाले और एक नयी शुरुआत करे साथ ही ऐसे सपने व्यक्ति को ये भी बताते हैं की वो अपने मन को साफ़ करे ताकि उसे जीवन में स्‍वच्‍छ चीजों की अनुभूति हो सके।





सपने में पानी हमेशा केवल नकारात्मकता को नहीं दर्शाता ये व्यक्ति को कुछ ऐसे भी संकेत दे देता है की उसके साथ कुछ अच्छा भी होने वाला है। यदि व्यक्ति अपने सपने में ये देखे की वो पानी के अन्दर है तो ऐसा सपना बताता है की अब व्यक्ति के पास पैसा यश वैभव और समृद्धि आने वाले है और उसके दुःख के दिन अब पलटने वाले हैं ।

यदि व्यक्ति ये देखे की वो एक विशाल समुंद्र के पास है तो ऐसे सपने बताते है की अब समय आ गया है व्यक्ति को उसकी मेहनतों का फल मिलने वाला है व्यक्ति को ये समझ लेना चाहिए की अब वैभव, पैसा उसके कदम चूमने वाला है। तो मित्रों यदि आपके सपने में लगातार "पानी"आ रहा है तो आपको उदास होने की जरुरत नहीं है बस अपने अन्दर छुपी नकारात्मकता को निकालिए और खुश रहिये फिर आपके जीवन में सब अच्छा ही अच्छा होगा ।